Android One क्या है What is Android One | Android One in Hindi

Android One क्या है Android One के बारे में

नमस्कार, आपका स्वागत है आज हम बात करने वाले हैं Android One के बारे में। Android One क्या है? यह बाकी सभी यूजर इंटरफेस से कैसे अलग है तो चाहिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
अगर आपने नोकिया के स्मार्टफोन प्रयोग किए होंगे या करते हैं तो आपने देखा होगा कि नोकिया के ज्यादातर स्मार्टफोन में Android One ही देखने को मिलता है और शायद आप नोकिया के स्मार्टफोन Android One के कारण ही लेते होंगे।

Android One का मुख्य लक्ष्य है Stock Android UI और जल्दी अपडेट प्रोवाइड करना।
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Android one की शुरुआत 2014 में हुई थी इसे गूगल लेकर आई थी।
 उस समय इसको लाने का असली मकसद यही था कि कम कीमत के अंदर मोबाइल फोन को लाया जाए और जो इसका सॉफ्टवेयर सपोर्ट है वह google के द्वारा दिया जाएगा।

लेकिन इसमें google द्वारा कुछ सीमाएं थी जैसे अगर किसी डिवाइस में Android one का सपोर्ट देना है तो उसमें वहीं हार्डवेयर होना चाहिए जो गूगल चाहती है और जो Android One को पूरी तरह चलाने में सक्षम हो।

 कोई भी कंपनी अपने स्मार्टफोन में उस हार्डवेयर से अलग हार्डवेयर नहीं दे सकती थी। और उसमें सॉफ्टवेयर अपडेट Google ही देगा यह अपडेट Google के द्वारा ही सीधे उस स्मार्टफोन को दिया जाएगा जो कि Android one में चल रहा है और वह अपडेट Stock android होगा।

 इसके बाद 2014 में ही android one स्मार्टफोन लॉन्च हो गए जो micromax, spice और karbonn थे।
 इनमें खास बात ये थी की इनके हार्डवेयर बिल्कुल एक जैसे ही थे और इनकी डिजाइन भी लगभग एक जैसी ही थी।

और इन स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खास बात यह थी की इनको सीधे google सपोर्ट कर रहा था मतलब इनको सॉफ्टवेयर अपडेट सीधे google ही दे रहा था और इनको दो प्रमुख सॉफ्टवेयर अपडेट मिले जो थे android KitKat 4.4 से Lollipop 5.0  और उसके बाद Marshmallow 6.0.

 मतलब जब ये स्मार्टफोन लांच हुए थे तो इनमें एंड्राइड किटकैट(KitKat) वर्जन देखने को मिला था, फिर उसके बाद इनमें एंड्रॉयड लॉलीपॉप(lollipop) और एंड्रॉयड मार्शमैलो(marshmallow) का अपडेट भी देखने को मिला।

और इनकी कीमत केवल ₹6000 ही थी।
ये स्मार्टफोन 1Gb रैम और 8Gb इंटरनल मेमोरी के साथ लांच हुए। लेकिन इनमें Mediatek का पुराना प्रोसेसर ही काम कर रहा था।
फिर 2014 में ही xiaomi ने भी भारत में कदम रखा और अपना पहला स्मार्टफोन रेडिमी 1s लेकर आई।

 और इसकी कीमत भी केवल 6000 रुपए ही थी xiaomi ने भी अपने इस स्मार्टफोन को 1Gb रैम और 8Gb इंटरनल मेमोरी के साथ ही लांच किया था लेकिन इसमे स्नेपड्रैगन 400 (Snapdragon400) प्रोसेसर था जोकि उस समय 12,000 के स्मार्टफोन में देखने को मिलता था।

और इसी कारण xiaomi ने Android One वाले स्मार्टफोन को कड़ी टक्कर दी और xiaomi के स्मार्टफोन android one वाले स्मार्टफोन के मुकाबले काफी ज्यादा बिके।
लेकिन इसके कुछ समय बाद ही Google ने 2015 में दूसरी कई स्मार्टफोन कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करी और जो दूसरी डेवलपिंग कंट्री थी वहां पर उन्होंने अपना Android One प्रोजेक्ट के फोन लेकर गए और वहां के लोकल मैन्यूफैक्चर से Android One के स्मार्टफोन बनवाए लेकिन वो स्मार्टफोन भी ज्यादा नहीं चले।

फिर उसके बाद जुलाई 2015 में गूगल ने लावा के साथ पार्टनरशिप करके फोन लॉन्च किया जिसका नाम था Lava Pixel v1  और ये भी मीडियाटेक (Mediatek) के प्रोसेसर पर चलता था और यह एक 3G फोन था लेकिन यह फोन भी ज्यादा नहीं चला क्योंकि ये अपनी कीमत से ज्यादा महंगा था।

फिर इसके बाद गूगल ने अपने नियमों में कुछ बदलाव किए और पहले हार्डवेयर की जो सीमाएं गूगल ने लगा रखी थी जैसे पहले हार्डवेयर का अधिकतर कंट्रोल गूगल के पास था मतलब जैसा हार्डवेयर गूगल चाहती थी स्मार्टफोन में वही हार्डवेयर दिया जाता था लेकिन बाद में गूगल ने हार्डवेयर का पूरा कंट्रोल फोन बनाने वाली कंपनी को दे दिया और फिर 2017 में गूगल ने Xiaomi के साथ पार्टनरशिप करी। और Xiaomi के पास पहले से ही काफी अच्छे स्मार्टफोन थे जो मार्केट में काफी ज्यादा बिक रहे थे और उपयोगर्ताओं को भी काफी पसंद आ रहे थे।

 फिर Xiaomi ने एक एक्सपेरिमेंट किया और Xiaomi के स्मार्टफोन में पहले से ही काफी अच्छे हार्डवेयर देखने को मिल रहे थे।

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 उन्होंने उसे इंडिया में Android One के साथ लाने का विचार किया।
जिससे उनमें Stock Android भी देखने को मिलेगा और साथ ही Monthly Software Update भी देखने को मिलेंगे, इसके बाद Xiaomi ने अपना पहला Android One स्मार्टफोन लॉन्च किया जिसका नाम था Mi A1.
इसमें सॉफ्टवेयर सपोर्ट भी पूरा गूगल से देखने को मिलता था।

इसमें बिल्कुल वही हार्डवेयर देखने को मिला जोकि MI के स्मार्टफोन में देखने को मिलते थे जैसे कि Mi 5x मैं देखने को मिला था।
Mi A1 में हमें बहुत सारे बदलाव देखने को मिले, मतलब कंपनी इस बार खुद ही ये फैसला कर सकती थी कि फोन में क्या Extra फीचर होंगे और उसमें क्या स्पेसिफिकेशन दिए जाएंगे।

गूगल की तरफ से सॉफ्टवेयर आता है उसमें Xiaomi ने थोड़े बहुत बदलाव किए और उसमें Xiaomi ने अपने कुछ Pristall ऐप दिए, जैसे गूगल के कैमरे की जगह Xiaomi ने अपना कैमरा दिया और अपने कुछ एप्स को भी Add किया।

क्योंकि इस बार गूगल ने कंपनियों को थोड़ी बहुत छूट दे रखी थी की वह अपने स्मार्टफोन में कुछ मॉडिफिकेशन(Modifications) कर सकें।
लेकिन जो उसका Android UI (user interface) पूरी तरह Stock होना चाहिए।

लेकिन पहले ऐसा नहीं था पहले के स्मार्टफोन में जैसे Micromax, Spice और Karbonn को जब Android One के साथ लाया गया तो उनमें पूरा कंट्रोल गूगल का था और उसमें स्मार्टफोन कंपनी कोई एक्स्ट्रा ऐप नहीं डाल सकती थी।

 फिर इसके बाद आपको और कंपनियों के स्मार्टफोन भी देखने को मिले जो थे Motorola, HTC और Nokia.
Nokia के तो लगभग सभी स्मार्टफोन में आपको Android One ही देखने को मिलता है।
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Android One पर चलने वाली सभी स्मार्टफोन की खास बात यह है कि इनमे जल्दी से एंड्राइड अपडेट देखने को मिल जाते हैं जो हर एक स्मार्टफोन यूजर के लिए काफी अच्छी बात है।
Android One स्मार्टफोन की दूसरी सबसे बड़ी खास बात ये है कि इनमे में कम से कम 2 साल तक आपको गूगल द्वारा सॉफ्टवेयर अपडेट प्रोवाइड किए जाते हैं और सिक्योरिटी पैच अपडेट भी आपको हर महीने समय पर देखने को मिल जाते हैं और दो प्रमुख अपडेट जैसे अगर आपका स्मार्टफोन एंड्रॉयड Nought 7.1 पर चल रहा है  तो उसे एंड्रॉयड Oreo 8.1 और उसके बाद एंड्रॉयड Pie 9.1 का अपडेट भी देखने को मिलेगा।

Android One में फाइनली यह होता है कि गूगल अपना Android One सॉफ्टवेयर सीधे कंपनियों को प्रोवाइड कराती है फिर उसके बाद कंपनियां उस सॉफ्टवेयर में थोड़ी बहुत बदलाव करते हैं जिससे वह सॉफ्टवेयर उनके स्मार्टफोन में पूरी तरह सही तरीके से चलने में सक्षम हो और थोड़ी बहुत अपने App भी जोड़ देते हैं लेकिन उनमें ज्यादा बदलाव नहीं किया जा सकता क्योंकि उसपर गूगल ने पहले से ही Ristriction लगा रखे हैं कि वह केवल छोटे-मोटे ही बदलाव कर सकते हैं और उसका UI पूरी तरह स्टॉक होना चाहिए।

उसके बाद कंपनियां अपने स्मार्टफोन को टेस्ट करती है और उसके बाद स्मार्टफोन को लांच कर देती है लेकिन अब सॉफ्टवेयर का कंट्रोल भी स्मार्टफोन  कंपनियों के पास होता है और गूगल के पास सॉफ्टवेयर का एक लिमिटेड कंट्रोल रह गया है और अब स्मार्टफोन कंपनियां ही अपने मोबाइल को सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है गूगल केवल अपने सॉफ्टवेयर को उन स्मार्टफोन कंपनियों तक पहुंचाता है इसी कारण हमें इन स्मार्टफोन में ज्यादातर Bugs भी देखने को मिलते हैं क्योंकि कभी-कभी कंपनियां उन्हें पूरी तरह टेस्ट नहीं कर पाती।

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 लेकिन वहीं अगर सॉफ्टवेयर सीधे गूगल द्वारा स्मार्टफोन को दिया जाता तो उन्हें Bugs देखने को नहीं मिलते जैसा कि पहले स्मार्टफोन में होता था उन्हें सीधे गूगल ही सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती थी।

अब आपको ज्यादातर स्मार्टफोन Android One पर ही देखने को मिलते हैं क्योंकि यह एक अच्छा सॉफ्टवेयर है जोकि गूगल द्वारा सीधे प्रोवाइड कराया जाता है और यह पूरी तरह Stock है जिसके कारण इनमें बहुत कम Bugs देखने को मिलते हैं और आने वाले समय में ऐसा हो सकता है कि हमें ज्यादातर स्मार्टफोन में Android One का सपोर्ट ही देखने को मिले और हाल ही में लॉन्च हुए Xiaomi के Mi A2 में भी आपको Android One ही देखने को मिलता है जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि Android One कितना पॉपुलर होते जा रहा है और ज्यादातर लोगों को Android One ही अच्छा लगता है क्युकी यह एक हल्का और Clean अनुभव प्रदान करता है।

आपको Android One के बारे में जानकर कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करें।

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