नमस्कार, जीवन में हर एक व्यक्ति सफल होना चाहता है लेकिन सफल होने के लिए केवल बोलना ही पर्याप्त नहीं है आपको एक सकारात्मक सोच और एक ऐसे दिमाग की आवश्यकता है जो सदैव हर कार्य को करने के लिए उत्साहित रहे,  हमेशा मोटिवेट रहे।

 जीवन में सफल होने के लिए हमें छोटे-छोटे समय का उपयोग करना बहुत ज्यादा आवश्यक है और हमेशा अपने सकारात्मक सोच से फैसले लेना जरूरी है आज हम आपके साथ एक ऐसी कहानी है साझा करने वाले हैं जिससे हम अवसरों का महत्व समझ सकते हैं-
 
एक बार एक लड़का जिंदगी से बहुत परेशान अपने गुरुजी के पास जाता है और बोलता है, गुरु जी मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं मुझे पैसों की बहुत जरूरत है।

मैं चाहता हूं मेरे माता-पिता बहुत खुश रहे और पूरी दुनिया में मेरा नाम हो,  यह सब बातें जो मैं बोल रहा हूं पैसों के बिना संभव नहीं हो सकता,
इसके लिए मेरे पास बहुत सारे पैसे होने चाहिए।

Opportunity

 गुरुजी ने उस लड़के को कहा मेरे साथ चलो, गुरुजी उसे एक ऐसी जगह ले गए जहां बहुत सारे कंकड़ पत्थर थे, गुरु जी ने उस लड़के से कहा, इतने सारे कंकड़ में से कोई एक ऐसा कंकड़ है जो हर लोहे को सोने में बदल सकता है।
 
 वह कंकड़ जिस पर रखोगे वह सोने का हो जाएगा और उस कंकड़ की पहचान होगी उसके तापमान से।
 यानी अगर तुम यह सब कंकड़ छूकर महसूस करोगे तो यह ठंडे लगेंगे।
 
 लेकिन सोने में बदल देने वाला कंकड़ गर्म महसूस होगा  अगर तुम्हें वह कंकड़ मिल गया फिर तुम अपनी जिंदगी में जितने चाहो उतने पैसे कमा सकते हो।
 
  लड़का बहुत ज्यादा खुश हुआ उसने कहा यह तो केवल कुछ ही महीनों की बात है मैं केवल रोज का कुछ समय देखकर उस कंकड़ को ढूंढ लूंगा।
   पर वह लड़का नहीं जानता था कि वह कार्य गुरु जी ने उसे सोच समझ कर दिया है अगर इतना आसान होता तो फिर बात ही क्या थी।
   
अब लड़का अपने काम में लग गया उसने वहां के सभी कंकड़ जो एक तरफ पड़े हुए थे उसे हाथ में लेकर महसूस करने लगा और जो कंकड़ ठंडी महसूस होती उसे समुद्र में फेंक देता क्योंकि अगर वह समुद्र में उन कंकड़ को ना फेंकता तो वही कंकड़ फिर से उसी में मिल जाते।

  इसलिए जो कंकड़ ठंडी होती वह उसे समुद्र में फैंकते जा रहा था लगातार 5 घंटे उन कंकड़ को फेंकने के बाद उसे थकान महसूस होने लगी।
  
उसके बाद वह दूसरे दिन भी इसी कार्य को दोहराता गया फिर दूसरा दिन भी निकल गया, उसके बाद तीसरा दिन निकला, एक सप्ताह निकला, दो सप्ताह निकले, और फिर एक महीना भी निकल गया।

 ऐसे करते-करते तीन और फिर 4 महीने हो गए लेकिन अब तक उस लड़के को वह गर्म कंकड़ नहीं मिला।

अब उसे सभी कंकड़ ठंडी महसूस हो रही थी अब उन कंकड़ो को फेंकते-फेंकते उस लड़के की गति बढ़ चुकी थी लेकिन अब जो उसका विश्वास था वह कम होते जा रहा था।

 अब वह धीरे-धीरे कंकड़ को ध्यान से परखना कम करता जा रहा था। अब वह उन कंकड़ों को इतनी बारीकी से नहीं परख रहा था जितनी बारीकी से उसने शुरुआत के कंकड़ो को परखा था।
 
  दूसरी तरफ आप यह भी कह सकते हैं कि उसके दिमाग की ऐसी Habit हो गई थी कि अब वह फटाफट से उन कंकड़ को लेकर समुंद्र में फेंक देता था।
  
इतने कंकड़ को फेंकने के बाद और उसकी इतनी मेहनत के बाद, पांचवें महीने के कुछ ही दिनो बाद जैसे ही वह कंकड़ उसके हाथ में आया वह उसे गर्म तो महसूस हुआ लेकिन उसकी जल्दी-जल्दी हर कंकड़ को समुद्र में फेंकने की हैबिट के कारण वह पत्थर भी उसके हाथ में ज्यादा देर ना रहा और उसने उसे भी समुद्र में फेंक दिया।

 उस पत्थर को फेंकने के बाद उसने एकदम से 1 से 2 सेकेंड बाद उसने अपने हाथ की उंगली अपने दांतों से दबा ली और उसके बाद उसे बहुत पछतावा हुआ।
 लेकिन अब इसके बाद वह कुछ भी नहीं कर सकता था वह उस समुंदर में जा कर उस पत्थर को ढूंढ भी नहीं सकता था क्योंकि उतने सारे पत्थरों के बीच वह पत्थर उसे मिलता ही नहीं।
अब उस लड़के के पास पछताने के अलावा और कोई विकल्प मौजूद नहीं था।

 इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि जिस वक्त आप ने अपने हर दिन को हल्के में लेना शुरू कर दिया धीरे-धीरे हल्के में लेना आपकी हैबिट बन जाएगी और जब कोई बड़ा अवसर opportunity आपके पास आएगा तो उसे भी आप अपनी हैबिट के अनुसार गलती से हल्के में ले लेंगे।

एक और महत्वपूर्ण बात, हम में से ज्यादातर लोग यह सोच कर बैठे रह जाते हैं कि जब हमारे पास अवसर (Opportunity) आएगा तब हम किसी कार्य को करेंगे लेकिन यकीन मानिए अगर आप यह सोच कर बैठे रहेंगे तो वह अवसर (Opportunity) आपके पास कभी भी नहीं आएगा और आप हमेशा बैठे ही रह जाएंगे अवसर (Opportunity) कभी आता नहीं अवसर (Opportunity) बनाना पड़ता है।
 
Think positive

 फिर बाद में पछतावा होगा जब आपको पता लगेगा कि वह कोई सामान्य दिन नहीं था वह मेरे लिए एक बहुत बड़ा अवसर था उस दिन मेरे पास बहुत बड़ा मौका था जिसे मैंने गवा दिया।
 
फिर आपके पास केवल यही पछतावा रह जाएगा कि मैं अपने हर दिन को हल्के में लेता था लेकिन मेरे पास एक अवसर था जिसका मैं उपयोग ना कर सका।

किसी भी समय को हल्के में मत लीजिए अगर आप उस समय का मूल्य समझेंगे और उस समय अगर आप अपना कोई महत्वपूर्ण कार्य करेंगे तो उसका महत्व आपको आपके आने वाले समय में अवश्य मिलेगा।

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हर एक समय मौका और सभी कंकड़ एक नया दिन है वह गर्म कंकड़ कब आपके हाथ में आएगा यह बात आप नहीं जानते हैं लेकिन आपको बहुत ध्यान से हर कंकड़ को परखना है यानी हर दिन का कुछ ना कुछ महत्व है हर दिन कुछ ना कुछ सीखना है।

  हर इंसान से और हर चीज से कुछ ना कुछ सीखिए और अपनी गलतियों में नियमित रूप से सुधार करते रहिए क्योंकि अपनी गलतियों को सुधार कर ही हम जीवन में बड़े-बड़े अवसरों को प्राप्त कर सकते हैं।

 अचानक जब आपके हाथ में वह गर्म कंकड़ आएगा तो वह आपकी पूरी जिंदगी को सोने में बदल देगा।
अगर आप अपने सपनों के लिए निरंतर रूप से मेहनत करते हैं तो यकीन मानिए आज नहीं तो कल आपका जीवन भी सोने (Gold) में अवश्य बदल जाएगा।

 आपके जिंदगी की हर चीज सोने में बदल जाएगी जिंदगी के हर पल को इस तरह से देखो, इस तरह से जियो और इस तरह से उसने मेहनत करो जैसे कि वह कंकड़ जो हर चीज को सोने में बदल देगा।